Reviewed for accuracy and claims compliance: दावा-अनुपालन समीक्षा (claims review)
पहली बात जो साफ़ कर देनी चाहिए: कोई “फ़र्टिलिटी सुपरफ़ूड” नहीं है। न कोई फल, न कोई बीज, न कोई चूर्ण जो गर्भधारण करा दे।
जो दर्ज है वह पूरा आहार पैटर्न है, न कि कोई एक चीज़, और उसके भीतर कुछ चीज़ें ऐसी हैं जिन्हें घटाने का असर जोड़ने से ज़्यादा है।
और यह लेख दोनों के लिए है, क्योंकि आहार की सलाह आम तौर पर सिर्फ़ महिला को दी जाती है और शुक्राणु बनने में तीन महीने लगते हैं।
यह जानकारी है, चिकित्सकीय सलाह नहीं। आहार जाँच और इलाज की जगह नहीं लेता। और गर्भावस्था में कई जड़ी-बूटियाँ वर्जित हैं।
जो आहार पैटर्न अध्ययनों में जुड़ा मिला है
सबूत की ईमानदार स्थिति यह है: ये अध्ययन ज़्यादातर अवलोकन वाले हैं, यानी वे संबंध दिखाते हैं, कारण साबित नहीं करते। फिर भी पैटर्न एक जैसा निकलता है, और वह यह है:
साबुत अनाज, दालें, सब्ज़ियाँ, फल, मेवे, दही, और मुख्य चिकनाई असंतृप्त (unsaturated), यानी मोटे तौर पर वही जो दिल के लिए अच्छा माना जाता है।
और यह अपने आप में एक काम की बात है: आपको कोई अलग “फ़र्टिलिटी डाइट” नहीं चाहिए। एक अच्छी, साधारण थाली पहले से वही है।
भारतीय थाली में इसका रूप
रोज़ की बुनियाद
दालें और फलियाँ, हर रोज़। भिगोकर और अंकुरित करके, क्योंकि इससे ज़िंक और आयरन दोनों का अवशोषण बढ़ता है और फ़ाइटेट घटता है। यह छोटी-सी बात इस पूरी सूची में सबसे कम इस्तेमाल होती है।
साबुत अनाज, गेहूँ की चोकरयुक्त रोटी, बाजरा, ज्वार, रागी, जौ, और हाथ का कुटा चावल। मैदा घटाएँ।
हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, पालक, मेथी, सरसों, बथुआ, चौलाई, और सहजन (मोरिंगा) की पत्तियाँ। फ़ोलेट इन्हीं में है।
और यहाँ एक ज़रूरी बात: फ़ोलेट देर तक पकाने से नष्ट हो जाता है। कम पकाएँ, और दोबारा गरम करने से बचें।
दही, रोज़।
फल, अमरूद, आमला, संतरा, पपीता (पका हुआ; कच्चा पपीता गर्भावस्था में नहीं), अनार, केला, जामुन, बेरी।
मेवे और बीज, अख़रोट, बादाम, कद्दू के बीज, तिल, अलसी (पिसी हुई), सूरजमुखी के बीज।
और चिकनाई: सरसों का तेल, मूँगफली का तेल, घी सीमित मात्रा में, और मेवे। वनस्पति/हाइड्रोजनेटेड घी हटाएँ।
मांसाहारी हों तो: अंडे, मछली (ख़ास तौर पर हफ़्ते में दो बार, ओमेगा-3 के लिए), और चिकन।
जो विशेष रूप से मायने रखता है
| पोषक तत्व | क्यों | कहाँ से |
|---|---|---|
| फ़ोलेट | सबसे मज़बूत सबूत, पर भोजन से पर्याप्त पाना मुश्किल है, पूरक लें | हरी पत्तेदार, दालें, चुकंदर, भिंडी, संतरा, मूँगफली |
| विटामिन बी12 | शाकाहारियों में आम कमी, और प्रजनन से जुड़ी | दूध, दही, अंडा, मछली; शाकाहारी हों तो जाँच कराएँ |
| आयरन | कमी आम, और गर्भावस्था उसे बढ़ाती है | दाल, मेथी, सरसों, गुड़, तिल, नींबू के साथ |
| ज़िंक | पुरुषों में सामान्य प्रजनन क्षमता और टेस्टोस्टेरोन में मान्यता प्राप्त भूमिका | कद्दू के बीज, तिल, काजू, चना, भिगोकर |
| विटामिन डी | कमी बहुत आम | धूप; और जाँच कराएँ |
| ओमेगा-3 | कोशिका झिल्ली | अख़रोट, अलसी, मछली |
| आयोडीन | भ्रूण के मस्तिष्क विकास के लिए | आयोडीन युक्त नमक, यह काफ़ी है |
| कैल्शियम | दूध, दही, तिल, रागी, हरी सब्ज़ी | |
| सेलेनियम | सामान्य शुक्राणुजनन में मान्यता प्राप्त भूमिका | ब्राज़ील नट (दिन में एक-दो, ज़्यादा नहीं), अंडा, मछली, गेहूँ |
और दो ज़रूरी चेतावनियाँ:
ब्राज़ील नट में सेलेनियम बहुत ज़्यादा होता है। दिन में एक-दो काफ़ी हैं; मुट्ठी भर ज़्यादा है, सेलेनियम की सुरक्षित सीमा सँकरी है।
और विटामिन ए की ऊँची मात्रा गर्भावस्था में ख़तरनाक है। इसीलिए लिवर गर्भावस्था में सीमित किया जाता है, और विटामिन ए की ऊँची मात्रा वाला पूरक डॉक्टर की राय के बिना नहीं।
जो घटाना चाहिए, और इसका असर जोड़ने से ज़्यादा है
1. मीठे पेय, कोल्ड ड्रिंक, पैक जूस, एनर्जी ड्रिंक। अध्ययनों में इनका संबंध सबसे लगातार दिखता है, दोनों साथियों में।
2. ट्रांस फ़ैट, वनस्पति घी, बार-बार गरम किया तेल, बेकरी के उत्पाद, पैकेट के नमकीन।
3. मैदा और बहुत प्रोसेस्ड खाना।
4. शराब, दोनों के लिए घटाएँ। और गर्भधारण की संभावना हो तो महिला के लिए शून्य ही सुरक्षित मात्रा मानी जाती है।
और जो आहार नहीं है पर इसी सूची में आता है:
धूम्रपान और तंबाकू, पूरी तरह बंद, दोनों के लिए। गुटखा और खैनी भी। यह इस पूरे लेख में सबसे बड़ा एक बदलाव है, और यह आहार से ज़्यादा मायने रखता है।
कैफ़ीन, ईमानदार बात
सबूत मिले-जुले हैं। कुछ अध्ययनों में ज़्यादा कैफ़ीन का संबंध दिखा, कई में नहीं।
व्यवहार में जो कहा जाता है: दिन में दो-तीन कप तक ठीक माना जाता है, और उससे काफ़ी ज़्यादा घटाने लायक़ है।
और एक अलग, ज़्यादा ठोस कारण: खाने के साथ चाय आयरन का अवशोषण घटाती है। चाय छोड़ने की ज़रूरत नहीं, भोजन से एक घंटा अलग कर लें। यह बदलाव कैफ़ीन से ज़्यादा काम का है।
पुरुष के लिए, अलग से, क्योंकि यह छूट जाता है
शुक्राणु बनने में 72 से 90 दिन लगते हैं। यानी आज की थाली का असर तीन महीने बाद दिखता है।
इसलिए पुरुष को भी तीन महीने पहले शुरू करना होता है, साथ में, बाद में नहीं।
जो ख़ास तौर पर उसके लिए:
ज़िंक, कद्दू के बीज, तिल, काजू, चना। भिगोकर। सेलेनियम, ब्राज़ील नट (गिनकर), अंडा, मछली। फ़ोलेट, हाँ, पुरुष के लिए भी। यह बात लगभग कभी नहीं बताई जाती। ओमेगा-3, अख़रोट, अलसी, मछली। एंटीऑक्सीडेंट, रंगीन सब्ज़ियाँ और फल; टमाटर (पका हुआ, लाइकोपीन के लिए)। और एल-कार्निटाइन, यह लगभग पूरा मांस और दूध से आता है। शाकाहारियों में यह कम होता है, और यही वजह है कि वह फ़ॉर्मुलेशन में डाला जाता है।
और आहार से बाहर की दो चीज़ें जो उसके लिए आहार से ज़्यादा मायने रखती हैं:
तंबाकू बंद, और गर्मी से बचाव, गोद में लैपटॉप, बहुत गर्म पानी से नहाना, सौना, और लंबे समय तक लगातार बैठना।
वज़न, दोनों तरफ़
यह असहज बात है पर ज़रूरी है।
बहुत ज़्यादा वज़न ओव्यूलेशन पर असर डालता है, और पुरुषों में शुक्राणु के मापदंडों पर।
और बहुत कम वज़न भी ओव्यूलेशन रोक सकता है, यह हिस्सा कम बताया जाता है। बहुत कम खाना और बहुत ज़्यादा व्यायाम दोनों मिलकर पीरियड रोक देते हैं।
और वह संख्या जो राहत देती है: जहाँ वज़न ज़्यादा है, वहाँ शरीर के वज़न का 5 से 10 प्रतिशत घटाना अक्सर ओव्यूलेशन लौटाने के लिए पर्याप्त होता है। बदल जाने की ज़रूरत नहीं।
जो नुस्खे काम नहीं करते
“यह बीज खाओ, लड़का होगा”, यह न सिर्फ़ झूठ है, भारत में लिंग चयन का दावा ग़ैरक़ानूनी है। हम ऐसा कोई उत्पाद नहीं बनाते।
“गर्भधारण की गारंटी” वाले चूर्ण और काढ़े।
महँगे आयातित सुपरफ़ूड, जो अमरूद, आमला और मूँगफली से मिलता है वही काम करता है।
और एक जो ख़ास तौर पर कहनी चाहिए: “गर्म” और “ठंडी” तासीर के आधार पर खाना बंद कर देना। इस आधार पर पपीता, अनानास, दही या केला पूरी तरह छोड़ देने का कोई कारण नहीं है, सिवाय उन चीज़ों के जिनके बारे में डॉक्टर ने कहा हो, और कच्चे पपीते के, जो गर्भावस्था में टाला जाता है।
एक दिन का नमूना
सुबह: भीगे बादाम और अख़रोट; या रात की भीगी मेथी।
नाश्ता: पोहा नींबू और मूँगफली के साथ; या बेसन का चीला; या इडली-सांभर; या दूध-दही के साथ दलिया। और एक फल।
दिन का खाना: रोटी (चोकरयुक्त आटा) + दाल या राजमा + हरी सब्ज़ी + दही + सलाद नींबू के साथ।
शाम: भुना चना या कद्दू के बीज; फल। चाय, भोजन से एक घंटा अलग।
रात: ज्वार/बाजरा की रोटी या थोड़ा चावल + सब्ज़ी + दाल; हफ़्ते में दो बार मछली या अंडा अगर खाते हैं।
और पूरे दिन पानी।
जाँचें जो आहार से पहले करानी चाहिए
यह हिस्सा आहार से ज़्यादा ज़रूरी है।
महिला: थायराइड (TSH), विटामिन डी, बी12, हीमोग्लोबिन और फ़ेरिटिन, शुगर, प्रोलैक्टिन, और रूबेला की प्रतिरक्षा (टीका गर्भधारण से पहले लगता है)।
पुरुष: वीर्य विश्लेषण, सस्ता, आसान, और लगभग आधे मामलों में निर्णायक।
और मौजूदा दवाएँ डॉक्टर को दिखाएँ, कुछ गर्भावस्था से पहले बदली जाती हैं।
उत्पाद की ईमानदार भूमिका
हम इस श्रेणी में निर्माण करते हैं, इसलिए सीधी बात।
जो कहा जा सकता है: फ़ोलेट की सामान्य कोशिका विभाजन और गर्भावस्था में मातृ ऊतक वृद्धि में मान्यता प्राप्त भूमिका; ज़िंक की सामान्य प्रजनन क्षमता और सामान्य टेस्टोस्टेरोन स्तर में मान्यता प्राप्त भूमिका; सेलेनियम की सामान्य शुक्राणुजनन में मान्यता प्राप्त भूमिका; आयोडीन और आयरन की मान्यता प्राप्त भूमिकाएँ; और शास्त्रीय सामग्री के लिए पारंपरिक उपयोग का कथन।
जो नहीं कहा जा सकता: बाँझपन का इलाज, गर्भधारण की गारंटी, या संतान प्राप्ति। और लिंग चयन का दावा हम किसी शर्त पर नहीं बनाते।
और सबसे ईमानदार बात: इस लेख में सिर्फ़ एक चीज़ है जिसके लिए हम पूरक की सलाह देते हैं, फ़ोलेट, गर्भधारण से पहले। वह इसलिए कि उसकी ज़रूरी मात्रा भोजन से भरोसेमंद ढंग से मिलना मुश्किल है।
बाक़ी सब थाली से आ सकता है, और जहाँ जाँच में कमी निकले, वहाँ डॉक्टर की सलाह से पूरक।
डॉक्टर के पास कब
जल्दी:
- एक साल से कोशिश, 35 से कम उम्र में; छह महीने अगर 35 या ऊपर
- अनियमित पीरियड या पीरियड न आना
- पीरियड में बहुत दर्द
- दो या ज़्यादा गर्भपात
- शाकाहारी भोजन, बी12 के लिए
- बहुत कम या बहुत ज़्यादा वज़न
- व्यायाम शुरू करने के बाद पीरियड रुक जाएँ
निचोड़
- कोई फ़र्टिलिटी सुपरफ़ूड नहीं है, पूरा पैटर्न मायने रखता है
- और वह पैटर्न दिल के लिए अच्छे आहार जैसा ही है, अलग डाइट की ज़रूरत नहीं
- दालें रोज़, भिगोकर और अंकुरित करके, ज़िंक और आयरन दोनों के लिए
- हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, कम पकाकर, फ़ोलेट देर तक पकाने से नष्ट होता है
- फ़ोलेट के लिए पूरक लें, भोजन से पर्याप्त मात्रा भरोसेमंद नहीं
- शाकाहारी हैं तो बी12 जाँचें, मान न लें
- आयोडीन युक्त नमक, भ्रूण के मस्तिष्क के लिए
- ब्राज़ील नट गिनकर, सेलेनियम की सुरक्षित सीमा सँकरी है
- विटामिन ए की ऊँची मात्रा गर्भावस्था में ख़तरनाक, लिवर सीमित
- घटाएँ: मीठे पेय, ट्रांस फ़ैट, मैदा, शराब, घटाने का असर जोड़ने से ज़्यादा
- तंबाकू पूरी तरह बंद, दोनों के लिए, सबसे बड़ा एक बदलाव
- चाय भोजन से एक घंटा अलग, छोड़ने की ज़रूरत नहीं
- कैफ़ीन: दिन में दो-तीन कप तक ठीक माना जाता है
- पुरुष भी तीन महीने पहले शुरू करें, शुक्राणु चक्र 72–90 दिन
- फ़ोलेट पुरुष के लिए भी, और गर्मी से बचाव आहार से ज़्यादा मायने रखता है
- बहुत कम वज़न भी ओव्यूलेशन रोकता है, दोनों तरफ़
- 5–10% वज़न घटाना अक्सर काफ़ी है
- लिंग चयन के नुस्खे झूठ हैं और ग़ैरक़ानूनी भी
- जाँच पहले: थायराइड, डी, बी12, फ़ेरिटिन, रूबेला; और वीर्य विश्लेषण
संरचना की जानकारी: Conceivo 360 और Folico 360। समय और उपायों पर: गर्भधारण के उपाय। फ़ोलेट पर विस्तार से: folate before conception।
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