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गर्मी में पानी की कमी से कैसे बचें, और पेशाब का रंग

प्यास एक देर से आने वाला संकेत है। जो वाक़ई बताता है, कितना पानी चाहिए, किन्हें ज़्यादा ख़तरा है, और वे लोग जिनके लिए नियम उलटे हैं।

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NutraHerbal संपादकीय टीम10 min read

Reviewed for accuracy and claims compliance: दावा-अनुपालन समीक्षा (claims review)

गर्मी में पानी की कमी की सलाह आम तौर पर एक संख्या में सिमट जाती है, “आठ ग्लास पानी पिएँ”।

और उससे ज़्यादा काम की दो चीज़ें हैं: पेशाब का रंग, और यह जानना कि प्यास एक देर से आने वाला संकेत है।

जब प्यास लगती है, तब शरीर में कमी पहले से शुरू हो चुकी होती है, और यह बुज़ुर्गों में ख़ास तौर पर सच है, जहाँ प्यास की भावना उम्र के साथ कमज़ोर पड़ती है।

यह जानकारी है, चिकित्सकीय सलाह नहीं। हृदय, गुर्दे या लिवर की बीमारी में, या पेशाब की दवा लेने पर, पानी की मात्रा आपके डॉक्टर तय करते हैं, नीचे देखें।

पहला पैमाना: पेशाब

यह सबसे सीधा, मुफ़्त संकेत है और सबसे कम देखा जाता है।

पेशाबमतलब
हल्का पीला, लगभग पानी जैसापर्याप्त
गहरा पीलाकम है, पानी बढ़ाएँ
चाय या शहद जैसा गहराकाफ़ी कमी
बहुत कम मात्रा, या कई घंटे न आनागंभीर, डॉक्टर

और दो चेतावनियाँ:

बी-विटामिन की गोली पेशाब को तेज़ पीला कर देती है, वह कमी का संकेत नहीं है।

और कुछ दवाएँ तथा चुकंदर रंग बदल देते हैं।

और सबसे आसान नियम: सुबह के पहले पेशाब को छोड़कर, दिन भर पेशाब हल्के रंग का रहना चाहिए।

बाक़ी संकेत, और वे जो देर से आते हैं

शुरुआती: प्यास, मुँह सूखना, पेशाब कम और गहरा, थकान, और सिर दर्द।

और सिर दर्द पर एक बात: गर्मी का सिर दर्द बहुत बार पानी की कमी का होता है, और लोग दवा ले लेते हैं जबकि एक ग्लास पानी और छाया काम करती।

आगे के: चक्कर, ख़ास तौर पर खड़े होने पर; धड़कन तेज़; मांसपेशी में ऐंठन; चिड़चिड़ापन और ध्यान न लगना; आँखें धँसी; त्वचा की लचक कम; और पसीना आना बंद हो जाना।

और वह आख़िरी संकेत सबसे ख़तरनाक है, गर्मी में पसीना आना बंद हो जाना, त्वचा गरम और सूखी, और भ्रम, यह लू (heat stroke) का संकेत है और यह आपातकाल है। उस पर हमने अलग लिखा है।

और बच्चों में: पेशाब/डायपर कम गीला, रोने पर आँसू न आना, मुँह सूखा, सुस्ती, और शिशु में सिर का तालू धँसा हुआ।

और बुज़ुर्गों में: भ्रम सबसे पहला संकेत हो सकता है, प्यास नहीं। यह बहुत ज़रूरी बात है, क्योंकि परिवार इसे “उम्र” या “डिमेंशिया” मान लेता है।

कितना पानी

“आठ ग्लास” एक सुविधाजनक आँकड़ा है, और वह ज़रूरत व्यक्ति के हिसाब से नहीं बताता।

असली बात यह है कि ज़रूरत इन पर निर्भर करती है: वज़न, गतिविधि, तापमान और नमी, और आपकी सेहत की स्थिति।

और एक ज़रूरी बात: शरीर में जाने वाला तरल सिर्फ़ पानी नहीं है। छाछ, नींबू पानी, नारियल पानी, दाल का पानी, सूप, दही, और फल तथा सब्ज़ियाँ, सब गिनते हैं। तरबूज़, खरबूज़, खीरा, ककड़ी और संतरा लगभग पूरा पानी हैं।

तो व्यावहारिक नियम:

पेशाब का रंग देखें, यह सबसे भरोसेमंद है।

घड़ी देखकर पिएँ, प्यास का इंतज़ार न करें, हर घंटे कुछ घूँट।

और बाहर निकलने से पहले, और लौटने पर, पानी।

और गतिविधि या पसीने के हिसाब से बढ़ाएँ, बाहर काम करने वालों के लिए यह मात्रा काफ़ी ज़्यादा होती है।

और यह सबसे ज़रूरी हिस्सा है: जिनके लिए नियम उलटे हैं

“ज़्यादा पानी पिएँ” सबके लिए सही सलाह नहीं है, और यह बात लगभग कभी नहीं कही जाती।

इनमें पानी की मात्रा डॉक्टर तय करते हैं:

हृदय की कमज़ोरी (heart failure), यहाँ तरल सीमित किया जाता है, क्योंकि ज़्यादा तरल फेफड़ों और पैरों में जमा होता है।

गुर्दे की बीमारी, ख़ास तौर पर आगे की अवस्था में और डायलिसिस पर।

लिवर की बीमारी जिसमें पेट में पानी हो।

और पेशाब बढ़ाने वाली दवा (diuretic) लेने वाले लोग, यहाँ संतुलन नाज़ुक होता है।

और SIADH या कम सोडियम (hyponatraemia) का इतिहास।

अगर आप इनमें से किसी श्रेणी में हैं, तो इस लेख की सामान्य सलाह आप पर लागू नहीं होती। अपने डॉक्टर की दी हुई मात्रा पर चलें।

और दूसरी तरफ़: बहुत ज़्यादा पानी

बहुत कम समय में बहुत ज़्यादा पानी पीने से ख़ून में सोडियम गिर सकता है (hyponatraemia), और यह गंभीर हो सकता है।

यह आम नहीं है, और यह उन स्थितियों में दर्ज हुआ है जहाँ लोग बहुत पसीना बहाते हुए सिर्फ़ सादा पानी बहुत ज़्यादा पीते हैं, लंबी दौड़, और लंबी गर्मी में भारी शारीरिक श्रम।

लक्षण: सिर दर्द, जी मिचलाना, उल्टी, भ्रम, और गंभीर मामलों में दौरे, जो पानी की कमी जैसे ही लगते हैं, जो इसे ख़तरनाक बनाता है।

व्यावहारिक नतीजा: बहुत पसीना बहने पर सिर्फ़ सादा पानी काफ़ी नहीं, नमक और तरल दोनों की ज़रूरत होती है। छाछ, नींबू-नमक-चीनी का पानी, ORS, या नमक वाला खाना।

किन्हें ज़्यादा ख़तरा है

बुज़ुर्ग, प्यास की भावना कमज़ोर, गुर्दे की क्षमता कम, और अक्सर पेशाब की दवा पर। और बहुत बार वे जान-बूझकर पानी कम पीते हैं ताकि रात में उठना न पड़े, यह एक असली और समझने योग्य वजह है, और इसका हल दिन में ज़्यादा और शाम को कम पीना है।

शिशु और छोटे बच्चे, शरीर के हिसाब से सतह ज़्यादा, और वे माँग नहीं सकते।

बाहर काम करने वाले, निर्माण मज़दूर, किसान, रिक्शा और डिलीवरी वाले, ट्रैफ़िक पुलिस, सुरक्षा गार्ड, सब्ज़ी बेचने वाले, और रसोई में काम करने वाले। यह सबसे बड़ा जोखिम समूह है और इस पर सबसे कम बात होती है।

गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएँ।

मधुमेह वाले लोग, ज़्यादा शुगर में पेशाब ज़्यादा जाता है।

खिलाड़ी।

और कुछ दवाओं पर चलने वाले लोग, पेशाब की दवा, और कुछ मानसिक स्वास्थ्य की दवाएँ (लिथियम, और कुछ ऐसी दवाएँ जो पसीना आने की क्षमता घटाती हैं)। यह गर्मी में एक असली और अनदेखा जोखिम है।

क्या पिएँ, और क्या नहीं

जो अच्छा है

पानी, बुनियाद।

छाछ, जीरा और नमक के साथ। यह इस सूची में सबसे अच्छी चीज़ है, पानी, नमक, पोटैशियम और प्रोटीन, सब एक साथ।

नींबू पानी, थोड़ा नमक और थोड़ी चीनी के साथ।

नारियल पानी, पोटैशियम अच्छा। और एक चेतावनी: गुर्दे की बीमारी में पोटैशियम सीमित होता है, वहाँ डॉक्टर से पूछें।

आम पन्ना, सत्तू का घोल, बेल का शरबत, कोकम, जलजीरा, पारंपरिक, और ये काम करते हैं क्योंकि इनमें नमक और तरल दोनों हैं।

दाल का पानी, सूप, दही, और पानी वाले फल।

जो कम अच्छा है

बहुत मीठे पेय, कोल्ड ड्रिंक और पैक जूस। ये चीनी देते हैं और प्यास पूरी तरह नहीं बुझाते।

एनर्जी ड्रिंक, इनमें कैफ़ीन और बहुत चीनी होती है, और ये ORS नहीं हैं। यह एक आम और ख़तरनाक भ्रम है।

शराब, यह पेशाब बढ़ाती है और कमी बढ़ाती है।

और चाय-कॉफ़ी के बारे में ईमानदारी से: सामान्य मात्रा में इनका तरल योगदान शुद्ध रूप से सकारात्मक होता है, “चाय से पानी की कमी होती है” एक अतिरंजना है। बहुत ज़्यादा मात्रा अलग बात है।

और बाहर का पानी

गर्मी में बाहर का पानी और बर्फ़ दूसरी समस्या लाते हैं, टाइफ़ॉइड, पीलिया और दस्त।

अपनी बोतल साथ रखें, यह इस पूरे लेख की सबसे व्यावहारिक आदत है।

बाहर काम करने वालों के लिए

यह हिस्सा अलग से ज़रूरी है क्योंकि यहाँ जोखिम सबसे ज़्यादा है।

हर 15–20 मिनट में कुछ घूँट, प्यास का इंतज़ार नहीं।

नमक के साथ, छाछ, नींबू-नमक का पानी, या ORS। घंटों पसीना बहाने पर सिर्फ़ सादा पानी काफ़ी नहीं।

छाया में ब्रेक, हर घंटे।

ढीले, हल्के रंग के, सूती कपड़े; सिर ढका; और टोपी या गमछा।

दिन के सबसे गरम घंटे (12 से 4) में भारी काम टालें, जहाँ संभव हो।

और साथ काम करने वालों पर नज़र रखें, लू का पहला संकेत अक्सर भ्रम या अजीब व्यवहार होता है, और वह व्यक्ति ख़ुद नहीं पहचानता।

और नियोक्ता से: छायादार जगह, ठंडा पानी, और ORS। यह माँगने लायक़ चीज़ है।

उत्पाद की ईमानदार भूमिका

हम इस श्रेणी में निर्माण करते हैं, इसलिए सीधी बात।

जो कहा जा सकता है: इलेक्ट्रोलाइट (सोडियम, पोटैशियम, क्लोराइड) और उनकी सामान्य इलेक्ट्रोलाइट संतुलन तथा जल संतुलन में मान्यता प्राप्त भूमिका; मैग्नीशियम की सामान्य मांसपेशी कार्य और थकान घटाने में भूमिका; पोटैशियम की सामान्य रक्तचाप और मांसपेशी कार्य में भूमिका; और आमला तथा गोखरू जैसी सामग्री के लिए पारंपरिक उपयोग का कथन।

जो नहीं कहा जा सकता: लू का इलाज, पानी की कमी का इलाज, या दस्त का इलाज। ये चिकित्सकीय दावे हैं।

और सबसे ईमानदार बात, जो हमारे हित के ख़िलाफ़ है:

छाछ, नींबू-नमक-चीनी का पानी, और ORS का पैकेट, ये तीनों सस्ते हैं और इस श्रेणी के किसी भी पाउडर से बेहतर या बराबर काम करते हैं।

और दस्त या गंभीर कमी में इलाज ORS है, कोई स्पोर्ट्स ड्रिंक नहीं, उनकी संरचना अलग होती है, और उस पर हमने अलग विस्तार से लिखा है।

इलेक्ट्रोलाइट पाउडर की असली जगह सुविधा है, जब आप घर पर नहीं हैं और घोल बनाना मुश्किल है। वह एक वैध काम है, और वह श्रेष्ठता नहीं है।

डॉक्टर के पास कब

तुरंत:

  • भ्रम, अजीब व्यवहार, बेहोशी, या दौरा
  • गर्मी में पसीना आना बंद, त्वचा गरम और सूखी, लू
  • कई घंटे पेशाब न आना
  • लगातार उल्टी, कुछ न रुके
  • बहुत तेज़ धड़कन या साँस
  • बच्चे में सुस्ती, आँसू न आना, डायपर सूखा, या तालू धँसा
  • बुज़ुर्ग में अचानक भ्रम

जल्दी:

  • पेशाब लगातार गहरा, पानी बढ़ाने के बाद भी
  • बार-बार चक्कर, ख़ास तौर पर खड़े होने पर
  • बार-बार मांसपेशी की ऐंठन
  • हृदय, गुर्दे या लिवर की बीमारी, या पेशाब की दवा, अपनी तरल की मात्रा पूछें
  • मधुमेह में बहुत प्यास और बार-बार पेशाब, शुगर जाँचें
  • बार-बार पथरी, और उस पर हमने अलग लिखा है
  • और अगर आप मानसिक स्वास्थ्य की कोई दवा लेते हैं, गर्मी में सावधानी के बारे में पूछें

निचोड़

  1. प्यास एक देर से आने वाला संकेत है, और बुज़ुर्गों में कमज़ोर
  2. पेशाब का रंग सबसे भरोसेमंद पैमाना है, दिन भर हल्का पीला
  3. बी-विटामिन पेशाब को पीला कर देते हैं, वह कमी नहीं है
  4. गर्मी का सिर दर्द बहुत बार पानी की कमी का होता है
  5. पसीना बंद हो जाना + गरम सूखी त्वचा + भ्रम = लू, आपातकाल
  6. बुज़ुर्गों में पहला संकेत भ्रम हो सकता है, “उम्र” मानकर न छोड़ें
  7. बच्चों में: आँसू न आना, डायपर सूखा, तालू धँसा
  8. “आठ ग्लास” एक सुविधा है, ज़रूरत व्यक्ति पर निर्भर है
  9. छाछ, नारियल पानी, फल और दाल का पानी सब गिनते हैं
  10. घड़ी देखकर पिएँ, हर घंटे कुछ घूँट
  11. हृदय, गुर्दा, लिवर की बीमारी या पेशाब की दवा में मात्रा डॉक्टर तय करते हैं, यह सलाह उलटी हो जाती है
  12. बहुत पसीने में सिर्फ़ सादा पानी बहुत ज़्यादा पीना सोडियम गिरा सकता है
  13. और उसके लक्षण पानी की कमी जैसे ही लगते हैं, इसलिए नमक ज़रूरी है
  14. छाछ जीरा-नमक के साथ इस सूची में सबसे अच्छी चीज़ है
  15. नारियल पानी में पोटैशियम ज़्यादा, गुर्दे की बीमारी में पूछें
  16. एनर्जी ड्रिंक ORS नहीं है, यह ख़तरनाक भ्रम है
  17. “चाय से पानी की कमी होती है” एक अतिरंजना है
  18. अपनी बोतल साथ रखें, बाहर का पानी और बर्फ़ दूसरी बीमारी लाते हैं
  19. बाहर काम करने वाले: हर 15–20 मिनट, नमक के साथ, छाया में ब्रेक
  20. साथियों पर नज़र रखें, लू का पहला संकेत व्यक्ति ख़ुद नहीं पहचानता
  21. कुछ मानसिक स्वास्थ्य की दवाएँ गर्मी में जोखिम बढ़ाती हैं, पूछें
  22. ORS और छाछ किसी पाउडर से सस्ते और बराबर अच्छे हैं

संरचना की जानकारी: energy drink powder और kidney stone juice। और पढ़ें: electrolytes vs ORS vs plain water, लू से बचने के उपाय, और कितना पानी वाक़ई काफ़ी है।

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Reviewed by

Tarun Vashisht

Head of Ayurvedic Formulations & Regulatory Quality

Ayurvedic physician and pharmacognosy specialist with over 15 years of experience overseeing GMP-certified herbal extractions, classical proprietary formulations, and AYUSH/FSSAI regulatory compliance for direct-selling and retail nutraceutical brands.

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