Reviewed for accuracy and claims compliance: दावा-अनुपालन समीक्षा (claims review)
भारत में यूरिक एसिड बढ़ने पर जो पहली सलाह मिलती है वह यह है: दाल बंद, पनीर बंद, टमाटर बंद, पालक बंद।
यह सलाह बहुत आम है और ज़्यादातर हिस्सों में ग़लत है। और इसका नुक़सान असली है, क्योंकि एक शाकाहारी भारतीय से दाल और पनीर छुड़ाने का मतलब है उसका प्रोटीन का मुख्य स्रोत छुड़ा देना।
यह लेख जानकारी के लिए है, चिकित्सकीय सलाह नहीं। गाउट के दौरे और बार-बार दौरे पड़ने का इलाज डॉक्टर करें।
पहले एक बात जो सब बदल देती है
आपके शरीर का लगभग दो-तिहाई यूरिक एसिड आपकी अपनी कोशिकाओं के टूटने से बनता है, खाने से नहीं।
खाने का हिस्सा लगभग एक-तिहाई है।
और दूसरा आधा हिस्सा निकासी का है, यूरिक एसिड का लगभग 70% गुर्दे निकालते हैं। जिन लोगों में यह लगातार बढ़ा रहता है, उनमें ज़्यादा आम वजह कम निकलना है, ज़्यादा बनना नहीं।
इसका सीधा मतलब: सिर्फ़ खाने से यह संख्या सामान्य नहीं होती। और इसका मतलब यह भी है कि बहुत कड़ा परहेज़ उतना फ़ायदा नहीं देता जितनी उससे तकलीफ़ होती है।
दाल, सच क्या है
दाल और फलियों में प्यूरीन है, पर यह मध्यम स्तर का है, और यही बात असली है:
अध्ययनों में पौधों से मिलने वाले प्यूरीन का गाउट से वह संबंध नहीं मिला जो मांस और समुद्री भोजन का मिला। यानी दाल, चना और राजमा का जोखिम मांसाहारी स्रोतों जैसा नहीं है।
और इसकी वजह समझने लायक़ है: जब कोई दाल छोड़ता है, तो वह प्रोटीन कहीं और से लेता है, आम तौर पर ज़्यादा मांस, या ज़्यादा कार्बोहाइड्रेट। दोनों बदलाव उलटा नुक़सान करते हैं।
व्यावहारिक सलाह: दाल खाते रहें। अगर गाउट के बार-बार दौरे पड़ते हैं, तो मात्रा के बारे में डॉक्टर से बात करें, पर पूरी तरह छोड़ना आम तौर पर ज़रूरी नहीं है और शाकाहारी के लिए नुक़सानदेह है।
पनीर और दूध, यह सबसे चौंकाने वाली बात है
दूध, दही और पनीर यूरिक एसिड घटाने से जुड़े हैं, बढ़ाने से नहीं।
और यह एक मज़बूत बात है: कई अध्ययनों में डेयरी का सेवन कम यूरिक एसिड और गाउट के कम जोखिम से जुड़ा पाया गया है। माना जाता है कि दूध के प्रोटीन यूरिक एसिड की निकासी बढ़ाते हैं।
यानी: पनीर छुड़ाना न सिर्फ़ ग़ैर-ज़रूरी है, बल्कि उलटी दिशा में है।
व्यावहारिक सलाह: दूध, दही, छाछ और पनीर रखें। कम वसा वाले विकल्प पर शोध थोड़ा ज़्यादा है।
टमाटर, आधा सच
टमाटर में प्यूरीन कम है। फिर भी कुछ लोग बताते हैं कि टमाटर से उनका दौरा शुरू होता है, और इस पर कुछ अध्ययन हुए हैं जिनमें व्यक्तिगत स्तर पर यह जुड़ाव दर्ज हुआ।
तो बात यह है: टमाटर एक सामान्य नियम के तौर पर मना करने की चीज़ नहीं है। पर अगर आप ख़ुद देखें कि टमाटर के बाद तकलीफ़ होती है, तो उसे कम करना समझदारी है।
यही इस पूरे विषय का सलीक़ा है: अपना पैटर्न देखें, इंटरनेट की सूची नहीं।
पालक और बाक़ी सब्ज़ियाँ
पालक, मशरूम, मटर, गोभी, पत्तागोभी, शतावरी, इनमें प्यूरीन कुछ ज़्यादा है।
पर: जैसा ऊपर कहा, सब्ज़ियों के प्यूरीन का गाउट से वह संबंध नहीं मिला। और सब्ज़ियाँ छोड़ने का नुक़सान असली है।
व्यावहारिक सलाह: सब्ज़ियाँ खाते रहें, सब।
तो वाक़ई क्या मायने रखता है
यह सूची छोटी है और सही है।
1. बीयर और शराब, सबसे ऊपर
बीयर सबसे मज़बूती से जुड़ी हुई चीज़ है। इसमें शराब और प्यूरीन दोनों हैं।
देशी शराब और स्पिरिट भी।
अगर इस पूरी सूची में से एक ही बदलाव करना हो, तो यह है।
2. मीठे पेय और फ़्रुक्टोज़, यह सबसे कम बताई जाने वाली बात है
कोल्ड ड्रिंक, पैकेट वाला जूस, और फ़्रुक्टोज़ वाली चीज़ें सीधे यूरिक एसिड बनाती हैं, क्योंकि फ़्रुक्टोज़ के चयापचय से यूरिक एसिड उत्पन्न होता है।
और मीठे पेय का गाउट से जुड़ाव उन ज़्यादातर खाद्य पदार्थों से साफ़ है जो परहेज़ की सूची में होते हैं।
यानी: जो आदमी दाल छोड़ चुका है पर रोज़ कोल्ड ड्रिंक पी रहा है, वह ग़लत चीज़ छोड़ी है।
3. कलेजी और अंग-मांस
लिवर, किडनी, भेजा, इनमें प्यूरीन सबसे ज़्यादा है। यह सूची में असली चीज़ है।
4. लाल मांस
मटन, बीफ़, मात्रा में।
5. कुछ समुद्री भोजन
एंकोवी, सार्डीन, झींगा, सीपी, इनमें ज़्यादा।
6. वज़न, पर धीरे-धीरे
वज़न कम करना असरदार है। पर तेज़ी से वज़न घटाना और भूखा रहना यूरिक एसिड बढ़ाता है। यह उलटा लगता है और ज़रूरी है, जो लोग यूरिक एसिड ठीक करने के लिए कड़ी डाइटिंग करते हैं, वे अक्सर दौरा ले आते हैं।
धीरे-धीरे: महीने में एक-दो किलो।
7. पानी
पर्याप्त पानी निकासी में मदद करता है और पथरी का जोखिम घटाता है।
8. और सबसे काम की बात, अपनी दवाएँ देखें
बीपी के लिए दी जाने वाली पेशाब बढ़ाने वाली दवाएँ (डाइयूरेटिक, ख़ासकर थायाज़ाइड) यूरिक एसिड बढ़ाती हैं। यह एक बहुत आम वजह है।
कम मात्रा की एस्पिरिन भी।
डॉक्टर से पूछें कि कोई विकल्प संभव है या नहीं। कुछ बीपी की दवाएँ (जैसे लोसार्टन) यूरिक एसिड घटाती हैं। यह एक बदलाव किसी भी परहेज़ से ज़्यादा फ़र्क़ डाल सकता है।
जो चीज़ें मदद करती हैं
- दूध, दही, छाछ, निकासी बढ़ाते हैं
- कॉफ़ी, कम स्तर से जुड़ी पाई गई है
- चेरी, इस पर एक छोटा पर ठीक-ठाक लगातार शोध है
- विटामिन सी, हल्का असर
- पर्याप्त पानी
एक व्यावहारिक दिन
| समय | क्या |
|---|---|
| सुबह | दूध या दही के साथ नाश्ता; बिना चीनी चाय/कॉफ़ी |
| दोपहर | रोटी, दाल, सब्ज़ी, दही, हाँ, दाल |
| शाम | छाछ, या फल; कोल्ड ड्रिंक नहीं |
| रात | हल्का, दाल/पनीर/सब्ज़ी के साथ |
| दिन भर | ढाई-तीन लीटर पानी |
| बंद | बीयर, शराब, मीठे पेय, कलेजी |
यह थाली ज़्यादातर भारतीय घरों की सामान्य थाली है। यही बात है।
जो परहेज़ बेवजह हैं, एक सूची
- दाल और फलियाँ पूरी तरह छोड़ना, नहीं
- पनीर, दूध, दही छोड़ना, उलटी दिशा
- सब्ज़ियाँ छोड़ना, नहीं
- टमाटर सबके लिए मना, नहीं, अपना पैटर्न देखें
- पालक मना, नहीं
- बहुत कम प्रोटीन वाला आहार, नुक़सानदेह, और ज़रूरी नहीं
- भूखा रहना या उपवास, यूरिक एसिड बढ़ाता है
- “यूरिक एसिड गलाने” वाले नुस्ख़े, ऐसा कुछ नहीं होता
और सबसे ज़रूरी एक बात
बढ़ा हुआ यूरिक एसिड अपने आप में बीमारी नहीं है।
बढ़ी हुई संख्या वाले ज़्यादातर लोगों को कभी गाउट नहीं होता, और दिशानिर्देश आम तौर पर बिना लक्षण वाली बढ़ी संख्या के लिए दवा की सलाह नहीं देते।
पर वह एक संकेत है, और जिस चीज़ का संकेत है वह आम तौर पर चयापचय का स्वास्थ्य है: ब्लड प्रेशर, शुगर, वज़न, फ़ैटी लिवर।
इसलिए अगर जाँच में यूरिक एसिड बढ़ा मिला है, तो दाल छोड़ने से ज़्यादा उपयोगी यह है: बीपी, शुगर, HbA1c, लिपिड, क्रिएटिनिन और लिवर की जाँच करा लेना। वह पैनल अक्सर यूरिक एसिड की संख्या से ज़्यादा काम की बात बताता है।
उत्पाद की ईमानदार भूमिका
हम इस श्रेणी में निर्माण करते हैं, इसलिए सीधी बात।
जो कहा जा सकता है: गोक्षुर, पुनर्नवा और वरुण का पारंपरिक मूत्र और जोड़ संबंधी उपयोग; सामान्य कल्याण।
जो नहीं कहा जा सकता: यूरिक एसिड कम करना, गाउट का इलाज, या क्रिस्टल गलाना। ये चिकित्सकीय दावे हैं और हम ऐसे लेबल के लिए निर्माण नहीं करते।
और सबसे ईमानदार बात: इस लेख में जो चीज़ें वाक़ई असर करती हैं, बीयर कम, मीठे पेय बंद, धीरे-धीरे वज़न, और डाइयूरेटिक दवा की समीक्षा, उनमें कोई उत्पाद नहीं है। और जिन्हें बार-बार दौरे पड़ते हैं, उनके लिए दवा काम करती है और सप्लीमेंट नहीं।
निचोड़
- दो-तिहाई यूरिक एसिड आपकी अपनी कोशिकाओं से बनता है, खाने से नहीं
- दाल खाते रहें, पौधों के प्यूरीन का वह संबंध नहीं मिला
- पनीर, दूध, दही रखें, ये यूरिक एसिड घटाने से जुड़े हैं
- सब्ज़ियाँ और पालक छोड़ने की ज़रूरत नहीं
- टमाटर: अपना पैटर्न देखें, सामान्य नियम नहीं
- बीयर सबसे ऊपर; मीठे पेय उससे कम नहीं
- कलेजी और अंग-मांस, यह असली है
- तेज़ी से वज़न घटाना और उपवास बढ़ाता है, धीरे-धीरे
- डाइयूरेटिक दवा देखें, यह अक्सर असली वजह होती है
- बढ़ी संख्या + कोई लक्षण नहीं = बीमारी नहीं, पर बीपी, शुगर और लिवर जाँच लें
संरचना की जानकारी: यूरिक एसिड जूस। लक्षणों पर: यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण। संख्या का मतलब: what your uric acid number actually means।
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