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Metabolic & sugar

वज़न बढ़ाने के उपाय, और पहले यह जाँचें

वज़न न बढ़ना भी एक शिकायत है जिसके लिए बाज़ार में दावे बिकते हैं। पहले जो जाँचना ज़रूरी है, और फिर जो वाक़ई काम करता है, मांसपेशी बढ़ाना, चर्बी नहीं।

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NutraHerbal संपादकीय टीम9 min read

Reviewed for accuracy and claims compliance: दावा-अनुपालन समीक्षा (claims review)

वज़न घटाने पर सब कुछ लिखा जाता है और वज़न न बढ़ने पर कुछ नहीं, जबकि यह भी एक असली शिकायत है, और भारत में बहुत आम।

और इस श्रेणी में भी वही होता है: “वज़न बढ़ाने वाले पाउडर” और “भूख बढ़ाने वाली दवाएँ” बिकती हैं, और वे अक्सर वह नहीं करतीं जो दावा है।

यह लेख जानकारी के लिए है, चिकित्सकीय सलाह नहीं। बिना कोशिश वज़न घटना या लगातार वज़न न बढ़ना एक लक्षण है, पहले जाँच कराएँ। नीचे सूची है।

पहले: जाँच, यह टालने वाली बात नहीं है

यह सबसे ज़रूरी हिस्सा है, और इसे छोड़कर सीधे पाउडर पर जाना इस विषय की सबसे बड़ी भूल है।

वज़न न बढ़ने या घटने के कई कारण चिकित्सकीय हैं, और उनमें से कई सामान्य और इलाज योग्य हैं।

जाँचक्यों
थायराइड (TSH)बढ़ा हुआ थायराइड वज़न घटाता है, धड़कन तेज़, पसीना, काँपना, गर्मी बर्दाश्त न होना के साथ
फ़ास्टिंग शुगर + HbA1cअनियंत्रित डायबिटीज़ में वज़न घटता है, साथ में प्यास और बार-बार पेशाब
CBC + फ़ेरिटिनख़ून की कमी
सीलिएक रोग की जाँचयह भारत में बढ़ती पहचान वाली स्थिति है, वज़न न बढ़ना, दस्त, पेट फूलना, और गेहूँ से जुड़ाव
मल की जाँच (कीड़े)आम, सस्ता, और एक खुराक में इलाज
TB की जाँचभारत में यह ज़रूरी विचार है, वज़न घटना, रात को पसीना, लंबी खाँसी, बुख़ार
विटामिन डी, बी12
LFT और क्रिएटिनिन
HIVजहाँ जोखिम हो

और यह भी देखें:

  • मन की स्थिति, अवसाद से भूख घटती है; और यह भारत में थकान और शरीर में दर्द के रूप में सामने आता है
  • खाने का विकार, और यह सिर्फ़ लड़कियों में नहीं होता
  • दवाएँ, ADHD की उत्तेजक दवाएँ, कुछ मानसिक स्वास्थ्य की दवाएँ, मेटफ़ॉर्मिन
  • दाँतों की समस्या, यह चुपचाप खाना कम कर देती है, ख़ासकर बुज़ुर्गों में
  • थायरोटॉक्सिकोसिस के अन्य लक्षण
  • और पेट की लंबी समस्याएँ, IBD, और लगातार दस्त

तुरंत डॉक्टर के पास:

  • बिना कोशिश वज़न घटना
  • रात को पसीना, लंबी खाँसी, लगातार बुख़ार
  • मल में ख़ून, या लगातार दस्त
  • निगलने में दिक़्क़त
  • गाँठ कहीं भी

यह जाँच पैनल लगभग दो महीने के “वज़न बढ़ाने वाले पाउडर” के ख़र्च में हो जाता है, और यह असली जवाब देता है।

फिर: असली लक्ष्य क्या है

यह बात साफ़ होनी चाहिए।

लक्ष्य मांसपेशी बढ़ाना है, चर्बी नहीं।

क्योंकि: सिर्फ़ चर्बी बढ़ाने से वही चयापचय जोखिम आते हैं जिनसे वज़न घटाने वाले लोग बच रहे हैं, शुगर, बीपी, फ़ैटी लिवर। और भारतीय शरीर में पेट की चर्बी का जोखिम कम वज़न पर भी शुरू होता है।

इसलिए “कुछ भी खाकर वज़न बढ़ाओ”, घी, मिठाई, तला, यह एक ख़राब योजना है।

जो वाक़ई काम करता है

1. प्रतिरोध व्यायाम, यह सबसे ज़रूरी है

यह पहली चीज़ है, खाने से भी पहले क्रम में।

क्यों: अतिरिक्त कैलोरी के साथ प्रतिरोध व्यायाम का संकेत न हो, तो वह कैलोरी ज़्यादातर चर्बी बनती है। व्यायाम वह संकेत है जो उसे मांसपेशी बनाता है।

हफ़्ते में 3–4 दिन, बड़े मांसपेशी समूह, पैर, पीठ, छाती, कंधे।

और भार बढ़ाते रहें, वरना संकेत रुक जाता है। यह वह हिस्सा है जो लोग छोड़ देते हैं।

शुरुआत में फ़िज़ियोथेरेपिस्ट या ट्रेनर से तकनीक सीखना इस पूरे लेख में सबसे अच्छा निवेश है।

2. कैलोरी, अतिरिक्त, पर मापी हुई

लक्ष्य: ज़रूरत से कुछ अधिक, नाटकीय नहीं।

और रफ़्तार: हफ़्ते में 250–500 ग्राम। इससे तेज़ बढ़ने का मतलब ज़्यादातर चर्बी है।

3. प्रोटीन, हर भोजन में

मांसपेशी बनाने के लिए सामग्री।

और वितरण मायने रखता है: दिन भर में बाँटकर, तीनों भोजन में, एक भोजन में सब कुछ नहीं।

4. खाने की बारंबारता बढ़ाएँ, मात्रा नहीं

यह सबसे व्यावहारिक तरकीब है।

जिन लोगों की भूख कम है, उनके लिए एक थाली और भर देना काम नहीं करता, वे खा नहीं पाते।

जो काम करता है: तीन भोजन + दो-तीन बार बीच में। छोटी मात्रा, ज़्यादा बार।

5. कैलोरी घनत्व बढ़ाएँ

मात्रा बढ़ाए बिना कैलोरी बढ़ाना, यह उस व्यक्ति के लिए सबसे काम का विचार है जिसका पेट जल्दी भर जाता है:

  • दाल और सब्ज़ी में घी, एक चम्मच
  • मूँगफली का मक्खन
  • भीगे बादाम, काजू, अख़रोट, खजूर
  • पूरा दूध, और दूध में मेवे पीसकर
  • पनीर
  • नारियल
  • तिल और अलसी ऊपर से
  • केला
  • सत्तू, सस्ता, प्रोटीन और कैलोरी दोनों

6. तरल कैलोरी, यहाँ यह मददगार है

यह उलटा है वज़न घटाने वाली सलाह से, और इसीलिए बताना ज़रूरी है।

वज़न घटाने में तरल कैलोरी से बचा जाता है क्योंकि वह पेट नहीं भरती। वज़न बढ़ाने में यही उसकी ख़ूबी है।

  • दूध में केला और मेवे का शेक
  • लस्सी (मीठी, यहाँ ठीक है)
  • सत्तू का शरबत
  • नारियल पानी के साथ कुछ

और एक ज़रूरी बात: खाने से ठीक पहले बहुत पानी न पिएँ, उससे पेट भर जाता है और खाना कम होता है। पानी भोजन के बीच में।

7. नींद

मांसपेशी नींद में बनती है। सात-आठ घंटे।

8. और बहुत ज़्यादा कार्डियो नहीं

रोज़ एक घंटा दौड़ना वज़न बढ़ाने के ख़िलाफ़ काम करता है। थोड़ा कार्डियो दिल के लिए रखें; बाक़ी ऊर्जा प्रतिरोध व्यायाम में।

जो नहीं करना चाहिए

तला हुआ, मिठाई और जंक से वज़न बढ़ाना। चर्बी बढ़ेगी, मांसपेशी नहीं।

“वज़न बढ़ाने वाले पाउडर” जिनमें ज़्यादातर चीनी हो। लेबल देखें, अगर पहला घटक चीनी या माल्टोडेक्सट्रिन है, तो आप महँगी चीनी ख़रीद रहे हैं।

और यह इस श्रेणी की सबसे आम बात है: बहुत से “वेट गेनर” मुख्य रूप से माल्टोडेक्सट्रिन और चीनी होते हैं, थोड़े प्रोटीन के साथ।

“भूख बढ़ाने वाली” अनजानी दवाएँ। यह गंभीर है।

भूख बढ़ाने के लिए दी जाने वाली कुछ चीज़ों में साइप्रोहेप्टाडीन नाम की दवा होती है, यह एक एंटीहिस्टामीन है जिसका भूख बढ़ाने का असर होता है। यह एक दवा है, सप्लीमेंट नहीं, इससे नींद आती है, और यह डॉक्टर की देखरेख में ही लेनी चाहिए।

और इससे बुरा: कुछ अनजाने उत्पादों में स्टेरॉयड मिलने के मामले दर्ज हैं। मौखिक स्टेरॉयड से वज़न बढ़ता है, और उसके साथ चेहरे पर सूजन, शुगर, बीपी, हड्डियों का कमज़ोर होना, और छोड़ने पर गंभीर समस्याएँ आती हैं।

यह भारत में एक असली समस्या है, और संकेत यह है: कोई उत्पाद जो हफ़्तों में नाटकीय वज़न बढ़ाए, और जिसमें चेहरा फूलने लगे।

और एनाबॉलिक स्टेरॉयड इंजेक्शन, जिम में मिलने वाले। ये शुक्राणु उत्पादन को दबाते हैं, और वह असर बंद करने के बाद भी लंबे समय तक रह सकता है। साथ में लिवर, दिल और मन की स्थिति पर असर।

जड़ी-बूटियों के बारे में

अश्वगंधा, इस संदर्भ में पारंपरिक उपयोग, और कुछ अध्ययनों में प्रतिरोध व्यायाम के साथ मांसपेशी और ताक़त पर असर देखा गया है। अध्ययन छोटे हैं। और थायराइड की दवा लेते हैं तो डॉक्टर को बताएँ।

शतावरी, पारंपरिक बल्य उपयोग।

और सबसे ज़रूरी: कोई जड़ी-बूटी व्यायाम और कैलोरी की जगह नहीं लेती। अश्वगंधा व्यायाम के साथ सहायक हो सकती है; अकेले यह मांसपेशी नहीं बनाती।

उत्पाद की ईमानदार भूमिका

हम इस श्रेणी में निर्माण करते हैं, इसलिए सीधी बात।

जो कहा जा सकता है: प्रोटीन की मांसपेशी बनाए रखने और बढ़ाने में मान्यता प्राप्त भूमिका; विटामिन-खनिजों की मान्यता प्राप्त भूमिकाएँ; पारंपरिक उपयोग।

जो नहीं कहा जा सकता: “X दिन में Y किलो”, भूख का इलाज, वज़न बढ़ाने की गारंटी, या किसी स्थिति का उपचार।

और सबसे ईमानदार बात: इस लेख में सबसे ज़रूरी दो चीज़ें, जाँच कराना, और प्रतिरोध व्यायाम, दोनों में कोई पाउडर नहीं है। एक प्रोटीन पाउडर कैलोरी और प्रोटीन का एक सुविधाजनक स्रोत है, और वह व्यायाम के संकेत के बिना मांसपेशी नहीं बनाता।

और इस श्रेणी का सबसे बड़ा नुक़सान वही है जो हर श्रेणी में है: कोई साल भर पाउडर बदलता रहे, जबकि थायराइड, सीलिएक, कीड़े या TB, चारों आम, चारों इलाज वाले, अनजान रह जाएँ।

निचोड़

  1. पहले जाँच, थायराइड, शुगर, CBC+फ़ेरिटिन, सीलिएक, कीड़े, TB
  2. बिना कोशिश वज़न घटना एक लक्षण है, टालें नहीं
  3. लक्ष्य मांसपेशी है, चर्बी नहीं
  4. प्रतिरोध व्यायाम पहले, वही संकेत है जो कैलोरी को मांसपेशी बनाता है
  5. हफ़्ते में 250–500 ग्राम, इससे तेज़ का मतलब चर्बी
  6. बारंबारता बढ़ाएँ, थाली नहीं, तीन भोजन + दो-तीन बार बीच में
  7. कैलोरी घनत्व, घी, मेवे, पनीर, पूरा दूध, सत्तू
  8. तरल कैलोरी यहाँ मददगार है, शेक, लस्सी, सत्तू
  9. खाने से पहले बहुत पानी नहीं
  10. तला-मीठा से वज़न बढ़ाना ख़राब योजना है
  11. “वेट गेनर” का लेबल देखें, ज़्यादातर माल्टोडेक्सट्रिन और चीनी होते हैं
  12. साइप्रोहेप्टाडीन एक दवा है, डॉक्टर की देखरेख में
  13. नाटकीय वज़न + चेहरा फूलना = स्टेरॉयड का शक
  14. जिम के स्टेरॉयड इंजेक्शन शुक्राणु उत्पादन दबाते हैं

संरचना की जानकारी: मेन्स न्यूट्रिशन पाउडर और व्हे प्रोटीन पाउडर। मांसपेशी पर: muscle loss with age and what helps।

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Reviewed by

Tarun Vashisht

Head of Ayurvedic Formulations & Regulatory Quality

Ayurvedic physician and pharmacognosy specialist with over 15 years of experience overseeing GMP-certified herbal extractions, classical proprietary formulations, and AYUSH/FSSAI regulatory compliance for direct-selling and retail nutraceutical brands.

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